रॉबिन उथप्पा ने पीएफ धोखाधड़ी मामले पर खोली चुप्पी, गिरफ्तारी वारंट पर बोले

रॉबिन उथप्पा ने पीएफ धोखाधड़ी मामले पर खोली चुप्पी, गिरफ्तारी वारंट पर बोले

22 दिसंबर 2024 · 6 टिप्पणि

रॉबिन उथप्पा की चुप्पी टूटी: पीएफ धोखाधड़ी मामले पर उनका बयान

भारतीय क्रिकेट के पूर्व खिलाड़ी रॉबिन उथप्पा इन दिनों सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह बिल्कुल अलग है। आप सभी ने उन्हें मैदान पर बेहतरीन शॉट्स लगाते देखा होगा, लेकिन इस बार चर्चा उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट की हो रही है। Provident Fund (PF) धोखाधड़ी के मामले में उनका नाम आने के बाद लोग दुविधा में पड़ गए हैं। पीएफ क्षेत्रीय आयुक्त द्वारा जारी वारंट के अनुसार, उन पर आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों के वेतन से 23.36 लाख रुपये की कटौती तो की, लेकिन उसे पीएफ में जमा नहीं किया। कंपनी सेंचुरस लाइफस्टाइल ब्रांड्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालन का भार उनकी ओर था। इस प्रकार की गंभीर चर्चा के बीच रॉबिन ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी के संचालन में कोई सीधी भूमिका नहीं थी।

उथप्पा का कहना और आरोपों की गहराई

रॉबिन उथप्पा का इस मामले पर कहना है कि उनके कानूनी सलाहकार अब इस मुद्दे का निराकरण करेंगे। उन्होंने मीडिया से भी अपील की है कि सटीक तथ्यों को प्रस्तुत करने का महत्त्व समझे और इस मुद्दे को बिना प्रमाणित किए कुछ भी साझा करने से बचे। सेंचुरस लाइफस्टाइल ब्रांड्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े इस मामले में कंपनी पर 1952 के ईपीएफ और एमपी एक्ट के तहत अनियमितता के आरोप लगे हैं, जिसमें से कुछ धाराओं के अंतर्गत नुकसान का आंकड़ा 23.36 लाख रुपये का है। Regional PF Commissioner शादाक्षरी गोपाल रेड्डी ने पुलिस को निर्देशित कर रखा है कि उथप्पा को गिरफ्तार किया जाए और २७ दिसंबर तक वारंट वापस लाया जाए।

उथप्पा की खोज और भविष्य की दिशा

इस मामले की निरंतरता तब और बढ़ गई जब पुलिस को उथप्पा उनके पुलकेशीनगर निवास पर नहीं मिले। जानकारी के अनुसार, उथप्पा वर्तमान में दुबई में निवास कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट की महान धरोहर बनने का सपना देखा और भारत के लिए ५९ अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलकर अपनी प्रतिभा को सिद्ध किया। इसके अलावा, आईपीएल में कोलकत्ता नाइट राइडर्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और मुंबई इंडियंस जैसी टीमों का हिस्सा बनकर भी उन्होंने लाजवाब प्रदर्शन किया।

उथप्पा की भूमिका और लोगों की प्रतिक्रिया

जहाँ एक ओर उथप्पा ने साफ किया कि मैनेजमेंट की जिम्मेदारी के सीधे प्रसारण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी, वहीं दूसरी ओर इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर एक अलग बहस को जन्म दिया है। लोग इससे संबंधित तस्वीरें और सुर्खियों को साझा कर रहे हैं और समझने का प्रयास कर रहे हैं कि सच में क्या हुआ था। ऐसा देखा गया है कि अधिकतर लोग उथप्पा का समर्थन कर रहे हैं और न्याय की दिशा में अपनी आवाज़ उठा रहे हैं।

न्यायालय की भूमिका और संभावित परिणाम

इस मुद्दे में जैसे-जैसे गहराई बढ़ी, न्यायालय की भूमिका भी स्पष्ट होने लगी। न्यायालय की दिशा में उथप्पा के कानूनी सलाहकारों ने क्या कदम उठाया है और किस प्रकार से इस मुद्दे का समाधान होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। अब सबकी निगाहें न्यायपालिका पर टिकी हुई हैं कि वो क्या निर्णय लेते हैं और उथप्पा के खिलाफ सभी आरोपों की जांच किस तरीके से की जाती है। इसके बाद संभावित परिणाम क्या निकलेंगे, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा।

Ankit Sharma
Ankit Sharma

मैं नवदैनिक समाचार पत्र में पत्रकार हूं और मुख्यतः भारत के दैनिक समाचारों पर लेख लिखता हूं। मेरा लेखन सुचिता और प्रामाणिकता के लिए जाना जाता है।

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6 टिप्पणि
  • Anand Itagi
    Anand Itagi
    दिसंबर 24, 2024 AT 14:32

    ये सब बातें सुनकर लगता है कि रॉबिन बस नाम के लिए जुड़े थे और असली ऑपरेशन किसी और के हाथों में था। लेकिन अगर आपका नाम कंपनी के नाम पर लगा है तो जिम्मेदारी भी आपकी ही होती है। ये बस एक बड़ा ट्रिक है।

    क्या कोई जानता है कि इन लोगों ने अपने कर्मचारियों के पैसे कहाँ लगाए थे?

  • Kisna Patil
    Kisna Patil
    दिसंबर 25, 2024 AT 08:38

    हमने रॉबिन को बल्ले से जीत दिलाई थी, अब हमें उसके खिलाफ न्याय के लिए खड़े होना होगा।

    ये मामला केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि भारत के हर उस व्यक्ति का है जिसने अपनी मेहनत का पैसा पीएफ में डाला है। अगर ये बात छूट गई तो अगले वर्ष कोई नया खिलाड़ी भी डरेगा कि उसका नाम भी किसी गैर-जिम्मेदार बिजनेस में जुड़ जाएगा।

  • ASHOK BANJARA
    ASHOK BANJARA
    दिसंबर 27, 2024 AT 03:14

    इस मामले में दो अलग-अलग सच हैं। एक सच ये है कि रॉबिन ने कंपनी का नाम दिया और दूसरा सच ये है कि उन्होंने ऑपरेशन का नियंत्रण नहीं रखा।

    कानून एक बात कहता है - नाम जिसका है, जिम्मेदारी उसी की। लेकिन नैतिकता एक और बात कहती है - क्या आपने जानबूझकर धोखा दिया या बस अनदेखा कर दिया? ये अंतर बहुत बड़ा है।

    अगर वो बस एक नाम थे और असली लोग चालू थे, तो उनके खिलाफ अभियोग बहुत हल्का होना चाहिए। लेकिन अगर वो जानते थे और चुप रहे, तो ये बहुत गंभीर है।

  • Sahil Kapila
    Sahil Kapila
    दिसंबर 27, 2024 AT 03:30

    ये सब बहस बस एक ट्रेंड है जिसे सोशल मीडिया ने बनाया है। रॉबिन ने तो बस अपना नाम लगवा दिया था, बाकी सब कुछ उसके एजेंट और फाइनेंस टीम ने किया।

    लेकिन अगर आपका नाम एक कंपनी पर लगा है तो आपको उसके बारे में जानना ही पड़ता है। अब ये बात नहीं है कि आपको क्या पता था बल्कि ये है कि आपने क्या करने की कोशिश की।

    क्या आपने कभी अपने एजेंट से पूछा कि पीएफ जमा हुआ या नहीं? अगर नहीं, तो आप भी जिम्मेदार हैं।

    ये न्याय का मामला नहीं, ये जिम्मेदारी का मामला है।

  • Rajveer Singh
    Rajveer Singh
    दिसंबर 27, 2024 AT 16:07

    क्रिकेटर को बचाने की कोशिश कर रहे हो लेकिन ये जो चोरी हुई है वो कोई छोटी बात नहीं है।

    करोड़ों कर्मचारी अपना पैसा डालते हैं और उनका भविष्य इसी पर टिका है। अगर आप एक खिलाड़ी हैं तो आपको बस बल्ला चलाना है, बाकी सब दूसरे करेंगे - ये बात बिल्कुल गलत है।

    अगर आप बिजनेस में उतरते हैं तो आपको जिम्मेदारी भी लेनी है। ये नहीं कि आप बस नाम लगाकर दुबई में छिप जाएं।

    हम भारतीय हैं, हम अपने लोगों के लिए लड़ते हैं। रॉबिन को जेल में डालो, ये सिर्फ एक उदाहरण बन जाएगा।

  • Ankit Meshram
    Ankit Meshram
    दिसंबर 29, 2024 AT 04:48

    सच ये है कि न्याय की गारंटी है।

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